August 2011
2 posts
1 tag
अतः हम HOSPITALITY PROFESSIONALS को चाहिए कि आतिध्य धर्म का पालन करते हुए समस्त...
– RAMDAS
1 tag
"अतिधि देवो भवः "
अन्नं बहु कुर्वीत I
तद वृतं I
न कंचन वसतौ प्रत्याचक्षीतI
तद वृतं I
**************
गृहागत अतिधि के सत्कार केलिए अन्नप्राप्ति हेतु प्रयास करे ….!. वह एक व्रत हैं….!. निवास हेतु पधारे हुए किसी भी अतिधि को प्रतिकूल वचन न बोले, उसे निराश न करे, यह भी एक व्रत हैं…..!.
(तैतिरेय उपनिषद् :- ३ -२ - १० )
पीठं दत्वा साधवे अभ्यागताय I
आनियाप: परिनिर्निज्य पादौ I
सुखं पृष्ट्वा...